हम सब victim
समस्या सिर्फ़ ये नहीं है :
कि तुम्हारा भरोसा क्यूँ टूटा ?
पर सवाल ये भी ज़रूर है ;
कि तुमने :
ऐसा भरोसा गढ़ा ही क्यूँ ?
मेरी निजता के आग्रह से उपजे ;
प्रश्न चिह्नों पर
तुम अपना निष्कर्ष थोप दो ;
यह तो मुझे भी ग्राह्य नहीं !!
पर दोष तुम्हारा भी नहीं है ;
( अपने विश्वास के दायरे में )
पर इतना तजुर्बा मेरा भी है :
कि समाधान :
शंकाओं :
और उस पर त्यौरियों के पलटवार
में कभी नहीं रहा !!
This is a strange world : where everyone is a victim ; for no one's fault.
# RAJESH PANDEY
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